सुनहरे गोबर की कथा Tale Of The Golden Droppings Story In Hindi

सुनहरे गोबर की कथा Tale Of The Golden Droppings Story In Hindi. एक समय की बात है शहर के एक पेड़ पर एक पंछी रहता था। वह पंछी बहुत ही खास था क्योंकि जब कभी भी वह अपना मल त्यागता था तो वह जमीन में गिर कर सोने का बन जाता। इस तरह के पंछी के बारे में ना तो कभी किसी ने सुना था और ना ही कभी किसी ने ऐसा पंछी देखा था। शहर के किसी भी व्यक्ति को इस बात की खबर नहीं थी कि वहां एक ऐसा पंछी भी है।

एक दिन उस शहर का एक मुसाफिर चलते-चलते थककर उस पेड़ के नीचे रुक गया ताकि वह थोड़ी देर आराम कर सके। जब वह आराम कर रहा था तब ऊपर बैठे पंछी ने सोचा कि क्यों ना इस व्यक्ति की थोड़ी सी सहायता की जाए। यह सोच कर पंछी ने उस व्यक्ति के बाजू में अपना मल त्याग दिया। जैसे ही उसका मल जमीन पर गिरा तो वह सोने का बन गया। यह देखकर वह व्यक्ति हैरान हो गया। व्यक्ति ने उस सोने को उठाया और उसे लेकर खुश हो गया।

अब उसके अंदर की लालच और बढ़ने लगी। ऐसे में वह पंछी को पकड़ना चाहता था। पंछी को पकड़ने के लिए उसने पेड़ पर एक जाल बिछाया और वह उस पंछी को पकड़ लिया। पंछी को पकड़ने के बाद वह उसे घर ले गया। घर ले जाकर वह इस बात का इंतजार करने लगा कि कब वह पंछी अपना मल त्यागेगा और इससे उसे सोना मिलेगा। यह सब सोचते-सोचते उसके दिमाग में एक दूसरा खयाल आया। वह सोचने लगा कि अगर राज्य के राजा को एक पंछी के बारे में पता चल गया तो वे इसे ले जाएंगे और शायद इस बात को छुपाने के लिए राजा उसे सजा भी सुना सकते हैं। इसी वजह से वह व्यक्ति पंछी को ले जाकर राजा के सामने प्रस्तुत कर दिया।

राजा के पास जाकर उसने बताया कि यह पंछी आम पंछी नहीं है बल्कि यह एक खास पंछी है जिसका मल सोने में बदल जाता है। यह सुनकर राजा ने उस पंछी को अपने पास रख लिया। कुछ देर बाद राजा के पास एक मंत्री आया और उनसे बोला, “महाराज यह सब बातें बकवास है। क्या आपने कभी सुना है कि कोई पंछी सोने का मल त्यागता है? इसीलिए आप इस पंछी को छोड़ दीजिए और अपना समय बर्बाद ना करें।”

ऐसे में राजा मंत्री की बात मानते हुए उस पंछी को छोड़ने का आदेश दिया। जैसी ही पंछी उड़ने लगा तब उसने दरबार में अपना मल त्याग दिया और उसका मल फर्श में गिरते ही सोने का बन गया। यह देखकर राजा चकित रह गया और उन्होंने उस मंत्री को आदेश दिया कि वह किसी भी तरह से उस पंछी को पकड़कर ले आए।

उड़ते-उड़ते पंछी ने कहा, “मैं बेवकूफ था जो उस व्यक्ति के सामने अपना मल त्यागा। वो व्यक्ति बेवकूफ था जिसने मुझे राजा को दिया और यह राजा बेवकूफ है जिसने मुझे यहां से जाने दिया। इस राज्य में सब के सब बेवकूफ है।” सुनहरे गोबर की कथा Tale Of The Golden Droppings Story In Hindi.

Moral of Tale Of The Golden Droppings Story In Hindi

What is the Moral of Tale Of The Golden Droppings Story In Hindi

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी दूसरों की बातों में नहीं आना चाहिए। अगर कोई हमें सलाह दे रहा है तो हमें उस सलाह पर अच्छे से विचार करना चाहिए और फिर उस पर निर्णय लेना चाहिए। ऐसा करने के बाद ही हम एक समझदार व्यक्ति कहलाएंगे।

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